RBI ने 2000 के नोट को चलन से बाहर करने की घोषणा की है। RBI ने सभी बैंको को सलाह दी है वो तुरंत Rs 2000 के नोट को जारी करना बंद करे। हालांकि 2000 रुपये मूल्यवर्ग के बैंक नोट वैध मुद्रा बने रहेंगे। जानकारी के मुताबिक, क्लीन नोट पॉलिसी के तहत आरबीआई ने यह फैसला लिया है। आरबीआई ने कहा है कि यह नोट 30 सितंबर तक कानूनी रूप से वैध रहेंगे। 30 सितम्बर तक लोग नोट्स बैंक में जाकर बदलवा सकते हैं।
2016 में आरबीआई ने किए थे नोट्स जारी
नवंबर 2016 में आरबीआई ने आरबीआई एक्ट 1934 की धारा 24(1) के तहत ये नोट निकाले थे। RBI ने नोटबंदी के बाद इन नोटों को जारी किया था। यह फैसला इसलिए लिया गया था ताकि उस समय 500 और 1000 रुपये के जो नोट चलन से हटाए गए थे, उनका बाजार और अर्थव्यवस्था पर असर कम कर सकें । जब दूसरे मूल्य के बैंक नोट पर्याप्त मात्रा में बैंकों में उपलब्ध हो गए, तब दो हजार रुपये को चलन में लाने का उद्देश्य पूरा हो गया। आरबीआई ने कहा कि 2000 रुपये के बैंक नोटों को लाने के उद्देश्य के एक बार पूरा हो जाने के बाद 2018-19 में 2000 रुपये के नोटों की छपाई बंद कर दी गई थी। उस समय तक अन्य मूल्यवर्ग के बैंक नोट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो गए थे। आरबीआई ने यह भी बताया है कि मार्च 2017 से पहले 2000 रुपये मूल्यवर्ग के बैंक नोटों में से लगभग 89 प्रतिशत जारी किए गए थे।
23 मई से बदले जा सकेंगे बैंकों में नोट्स
लोग दो हजार रुपये के नोट बैंक खातों में जमा कर सकते हैं और उन्हें अन्य मूल्य के नोटों के साथ किसी भी बैंक शाखा में जाकर एक्सचेंज भी कर सकेंगे। साथ ही लोगों को ध्यान रखना होगा कि एक बार में अधिकतम 20 हजार रुपये मूल्य के नोट बदलवाए जा सकेंगे। यह प्रक्रिया 23 मई से शुरू होगी और 30 सितंबर 2023 को खत्म होगी।

