- “असफलता तभी मिलती है जब हम अपने आदर्शो और लक्ष्य और सिद्धांतो को भूल जाते हैं ।”
- “हकीकत, हकीकत ही रहने वाली है और आपकी पसंद के अनुसार हकीकत कभी गायब नही होती।”
- “हमारे अन्दर सबसे बड़ी कमी यह है कि हम चीजों के बारे में बात ज्यादा करते हैं और काम कम।”
- “क्रिया प्रभावशाली होनी चाहिये जिससे साफ़ तौर पर अंत का अनुमान लगाया जा सके।”
- “हर छोटी से छोटी बात को उसके चरम बिंदु से गिना जा सकता है।”
- “जिंदगी ताश के पत्तो की तरह ही है जिसे आपको नियतिवाद के हातो से निपटना होगा और अपनी इच्छाओ के मुताबिक खेलना होगा।”
- “कार्य के प्रभावी होने के लिए उसे स्पष्ठ लक्ष्य की तरफ निर्देशित किया जाना चाहिए।”
- “सिद्धांत हमेशा वास्तविक मनोवृत्ति के होने चाहिये।”
- “महान कार्य और छोटे लोग साथ नहीं चल सकते।”
- “समय को बीते हुए सालो से नही गिना जाता बल्कि किसी एक ने उस समय में क्या किया, क्या महसूस किया और क्या हासिल किया, इससे गिना जाता है।”
- “हम वास्तविकता में क्या हैं यह अधिक मायने रखता है इस बात से कि लोग हमारे बारे में क्या सोचते हैं।”
- “आप तस्वीर के चेहरे दीवार की तरफ मोड़ के इतिहास का रुख नहीं बदल सकते।”
- “बिना शांति के, सभी सपने टूट जाते हैं और राख में मिल जाते हैं।”
- “जो पुस्तकें हमें सोचने के लिए विवश करती हैं, वे हमारी सबसे अच्छी सहायक हैं।”
- “हम एक अद्भुत दुनिया में रहते हैं जो सौंदर्य, आकर्षण और रोमांच से भरी हुई है। यदि हम खुली आँखों से खोजे तो यहाँ रोमांच का कोई अंत नहीं है।”
- “संकट और गतिरोध जब होते हैं तो कम से कम उनका एक फायदा होता है कि वे हमें सोचने पर मजबूर करते हैं।”
- “शायद जीवन में डर से बुरा और खतरनाक कुछ भी नहीं है।”
- “नागरिकता देश की सेवा में होती है।”
- “जो व्यक्ति सब कुछ पा चुका है वह हर एक चीज शांति और व्यवस्था के पक्ष में चाहता है।”
- “जब तक मैं स्वयं में आश्वस्त हूँ कि किया गया काम सही काम है तब तक मुझे संतुष्टि रहती है।”
- “जब तक आपके पास संयम और धैर्य नहीं है, तब तक आपके सपने राख में मिलते रहेंगे।”
- “कार्य के बारे में अगर मैं लंबे समय तक आश्वस्त हूँ कि यह सही कार्रवाई है, तो मुझे संतुष्टि मिलती है।”
- “चुनाव जनता को राजनीतिक शिक्षा देने का विश्वविद्यालय है।”
- “लोगों की कला उनके दिमाग का सही दर्पण है।”
- “समाजवाद…ना केवल जीने का तरीका है, बल्कि सामजिक और आर्थिक समस्यों के निवारण के लिए एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण है।”
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